EXPLORING THE PRIDE OF MAHARASHTRA-TADOBA TIGER RESERVE

Take an exclusive tadoba tour of Pune or Mumbai and walk through the gateway to Mohurli, and go straight to one of the huge Tiger Safari in India. The Tadoba Nature Reserve …

Take an exclusive tadoba tour of Pune or Mumbai and walk through the gateway to Mohurli, and go straight to one of the huge Tiger Safari in India. The Tadoba Wildlife Reserve is known as the last remains of the large forests of forests lying west to east across central India. As one of the best tiger reserves in India, the place exhibits a simple exquisiteness of low wooded hills, glistening lakes and unresolved grasslands.

Tadoba Tiger Reserve was once the territory of the ancestral tribal communities and consists of a rich wildlife history in India. The tiger reserve changes with the beauty of the seasons, and the leaf fall / growth of its largest species of teak and bamboo. Within the innate boundaries of the Tadoba Tiger Reserve is a prosperous biodiversity crypt hosted by all major species that have hosted these forests over immensely millennia.

Tadoba Andhari is the final result of a British Raj pre-hunting federation association, converted into a national park called Tadoba National Park in 1935 and a later sanctuary, Andhari. It is located near the northern boundaries of the western state of Maharashtra. Today it concerns a 625 m² forest area that runs from north to south in 3 different forest chains, from Tadoba to the north, to Kolsa in the south, with Morhurli in between. Buffer forests ramble another 1200 square kilometers, where there are many animals and forest cats can freely move around. Two large monson-lined lakes in Tadoba and Kolsa provide the essential ingredient needed to preserve the life of Tadoba National Park, as well as the Tadoba River from which its name is derived.

Tadoba has become one of the best tiger reserves in India today. These tigers have a number of individual tigers and cubs, which are comfortable with vehicles, but the park is also found in many other star artists, including rough sloths, wild dogs, big Gaur, the ancestors of today’s cattle, leopard and crocodile , Together with the deer and antelope to maintain them. Additionally, enjoy the views of butterflies and birds of these Great Central Indian Forests, with abundant birds of prey, abundant waterfowl and songbirds in their multihued feathers.

The Tadoba National Park itself was barely visited until the last decade and was due to the increasing pressure of the growing rural inhabitants in its neighboring and within its borders, all 54 villages, and the politically dominant coal mining maneuvers whose deep gaps staggered its external borders. Thanks to improved management, superior protection, NGO support and a tourist tourism industry, including Tadoba hotels and resorts, which have gained an economic advantage than those of extremely marginal agricultural practices or mining, the park is flourishing.

There are a good number of tiger numbers, which allows for beautiful hiking opportunities and tiger safari in India. In a park that is hostile visitors all year round, and packed with both fascinating plants and birdlifeFeature Articles, so that both visitors and keen eco-friends can enjoy her bounty.

People who like to visit Tadoba National Park can book various modified travel packages from Mumbai travelers offering various reasonable tadoba tours of pune and big cities.

खूबसूरत ताजमहल की दिलचस्प सच्‍चाई

ताजमहल

खूबसूरत ताजमहल की दिलचस्प सच्‍चाई

वाकई में ताजमहल; जो हमारे दिलो ही नहीं दुनिया के कोने कोनो पर प्‍यार की मिसाल माना जाने वाला दुनिया का अजूबा है और हम भारत वाशियो का गौरव भी है। इस अद्धुत स्‍मारक को सफेद संगमरमर से शाहजहां द्वारा उनकी बेगम मुमताज की याद में बनवाया गया था।

हर कोई ताजमहल देखने की इच्‍छा रखता है क्‍योंकि इसे मोहब्‍बत का मंदिर माना जाता है। यमुना नदी के तट पर स्थित यह स्‍मारक एक विस्‍मरणीय स्‍थल है।

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ताजमहल के बारे में आपको कई कहानियां और बातें सुनने को मिल जाएगी। ताजमहल के बारे में ऐसी ही कुछ निराली बातों को अब हम बताएंगे:

Taj Mahal, Agra

शाहजहां ने अपनी तीसरी बेगम मुमताज की याद में ताजमहल को बनवाने का निर्णय 1631 में लिया। मुमताज, बच्‍चे को जन्‍म देने के दौरान चल बसी थी। कहा जाता है कि शाहजहां कुछ ऐसा करना चाहते थे जो कभी किसी ने अपनी प्रियतमा के लिए न किया हों।

ताजमहल को बनाने की शुरूआत 1632 में हुई और इसे बनाने में 22 साल का समय लग गया। कुल 22000 कलाकारों और चित्रकारों ने काम किया और 1653 में इसे बनाकर तैयार कर दिया। उस समय ताजमहल को बनाने में 32 मिलियन का खर्च आया था।

Agra

ताजमहल के आर्किटेक्‍ट का नाम अहमद लाहौरी था। इसे बनाने में 1000 हाथियों को इस्‍तेमाल में लाया गया, जो पत्‍थर ढोने का काम करते थे

शाहजहां चाहते थे कि उनकी बेगम की याद में जो स्‍मारक बना है उसकी नकल कभी कोई न कर पाएं। इसलिए उन्‍होने कलाकारों के अंगूठों को कटवा दिया। लेकिन इसके बदले उन्‍होने भारी कीमत अदा की थी।

Agra - Jaipur

इस स्‍मारक में एक मुख्‍य हॉलनुमा स्‍थल है जिसके चारों चार गुम्‍बदें हैं। पूरा ताजमहल संगमरमर से ही निर्मित है। 17 हेक्‍टेयर में बना यह स्‍मारक, बेहद सुंदर है जिसकी संरचना मुस्लिम धर्म के वास्‍तु के हिसाब बनाई गई है। कहते हैं कि इसमें लगा हुआ संगमरमर, राजस्‍थान, चीन, अफगानिस्‍तान और तिब्‍बत से आया था। 28 तरह के बेशकीमती पत्‍थर इसमें जड़े हुए हैं।

ताजमहल में कई आयतों को लिखा गया है, जो कि अरबी भाषा में हैं। कैलीग्राफ का इस्‍तेमाल भी ताजमहल में देखने को मिलता है। अल्‍लाह के 99 विभिन्‍न नामों को ताजमहल में गुम्‍बद की ओर पत्‍थर पर उकेरा गया है।

जिस तरह सफेद संगमरमर का ताजमहल शाहजहां ने अपनी बेगम के लिए बनवाया था, वैसा ही ताजमहल वह अपने लिए काले संगमरमर का बनवाना चाहते थे, वो भी नदी के उस पार। लेकिन उनके बेटे ने उन्‍हे ऐसा करने से रोक दिया और न मानने पर उन्‍हे बंदी बना लिया।

ताजमहल का रंग, प्रदूषण और अन्‍य कारकों के चलते बदल सा गया है। सफेद से हल्‍का गुलाबी हो गया है। लेकिन ताजमहल के रंग पर चंद्रमा की रोशनी का प्रभाव भी पड़ता है, चंद्रमा की स्थिति के हिसाब से ताजमहल की रंगत बदलती रहती है। पूर्णिमा के दिन यह हल्‍का सुनहरा चमकता है।

ताजमहल को 1857 में एक हमले में थोड़ा नुकसान झेलना पड़ा। लेकिन लॉर्ड कर्जन ने इसे 1908 में दुबारा सही करवा दिया, क्‍योंकि तब तक इसे विश्‍व भर में ख्‍याति मिल चुकी थी।

कहा जाता है कि ताजमहल, भगवान शिव के मंदिर के स्‍थान पर बनवाया गया है, जिसे राजा परमार देव ने बनवाया था और इसका नाम तेजो महालया था। इस मंदिर पर मुगल शासकों ने कब्‍जा कर लिया था और उन्‍होने अपने ढंग से इसे बनवाया। यह बात अभी तक रहस्‍य ही बनी हुई है लेकिन ताजमहल, अब दुनिया के अजूबों में से एक है और यहां साल लाखों पर्यटक सैर करने आते हैं।

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ताजमहल के बारे में कुछ ऐसी रहस्यमयी बातें, जिनसे शायद आप जानते नहीं है |…

मुग़ल बादशाह शाहजहां एक ऐसा नाम, जिसने आने वाली कई पीढ़ियों को मोहब्बत करना सिखाया, लेकिन कुछ प्रेमियों ने उन्हें मोहब्बत का मज़ाक उड़ाने वाला भी कहा। शाहजहां स्वयं मुसलमान थे और उनकी प्रजा हिन्दू। उनकी प्रजा ने ऐसा साम्राज्य बनाया, जो लगभग पूरे भारत में फैला हुआ है। आईये जानें शाहजहां के ताजमहल से जुड़ी कुछ ऐसी दिलचस्प और रहस्यमयी बातें, जिन्हें बहुत ही कम लोग जानते हैं।

बात सन् 1631 की है, मुग़ल बादशाह शाहजहां हिन्दुस्तान की सरज़मीं पर अपनी बेग़म मुमताज़ महल की मृत्यु का मातम मना रहे थे और उस मातम में एक धड़कन उनकी पीछे छूटी मोहब्बत की भी थी, जिसे आने वाली पीढ़ियों के सामने वे मिसाल के रूप में देना चाहते थे। मोहब्बत के बाद यदि उनका दिल किसी चीज़ में लगता था, तो वो था आर्किटेक्चर। मुगल बादशाह होने के साथ-साथ वे आर्किटेक्चर की दुनिया के भी बादशाह थे। इमारतों के लिए उनका परफेक्शनिस्ट जुनून आजीवन बरकरार रहा।

मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी तमाम दौलत अपने उस ख़्वाब के नाम कर दी थी, जिसे हम ताजमहल के नाम से जानते हैं। शांत यमुना नदी के एकांत तट पर इस शानदार मकबरे की नींव डाली गयी थी। जिन हिन्दू कारीगरों पर शाहजहां राज करते थे, वे अपने पत्थर तराशने के हुनर के लिए बेहद मशहूर थे। उन कारीगरों ने कभी सोचा भी नहीं होगा, कि जिन पत्थरों को वे तराश रहे हैं, उन पत्थरों से निर्मित इमारत दुनिया भर के चुनिन्दा अजूबों में शामिल होगी। वे कारीगर जिस विश्वप्रसिद्ध इमारत का निर्माण करने में दिन-रात लगे हुए थे, उनकी मिसालें सिर्फ बीत चुकी और मौजूदा पीढ़ियों ने ही नहीं दी, बल्कि आने वाली पीढ़ियां भी देंगी। ताजमहल को बनाने का पैमाना इतना विशाल था, कि आगरा शहर की ज़मीन पर पूरा शहर उभर आया था। उस अनोखी इमारत के निर्माण में बीस साल तक बीस हज़ार मजदूर लगे रहते थे। एक बेग़म की कब्र के नाम से प्रसिद्ध इस इमारत के निर्माण में आज के समय के बीस करोड़ डॉलर से कहीं अधिक रुपये खर्च हुए थे (जैसा कि माना जाता है)। ताजमहल जैसी खूबसूरत इमारत को किसने किसके लिए बनाया, क्यों बनवाया, कैसे बनवाया और कहां बनवाया, ये बातें सभी लोग जानते हैं और इसे लेकर कई तरह के मत भी प्रचलित है, लेकिन कुछ बातें ऐसी हैं जिन्हें अधिकतर लोग नहीं जानते। हालांकि इंटरनेट के ज़माने में सबकुछ जान जाना आसान है, फिर भी जो नहीं जानते उनके लिए ताजमहल के इन रहस्यमयी तथ्यों पर नज़र डालना बेहद ज़रूरी है, जो इस खूबसूरत इमारत की चकाचौंध में दिखाई नहीं पड़ते।

सबसे पहली बात, जिसका रहस्य आज तक उजागर नहीं हुआ, वह ये कि ताजमहल के मकबरे की छत पर एक छेद है। मकबरे की छत के इस छेद से टपकती बूंद के पीछे कई रहस्य प्रचलित हैं, जिसमें सबसे प्रचलित रहस्य यह है, कि ताजमहल के बनने के बाद शाहजहां ने जब सभी मज़दूरों के हाथ काटने की घोषणा की, तो मजदूरों ने ताजमहल को पूरा करने के बावजूद इसमें एक ऐसी कमी छोड़ दी, जिससे शाहजहां का एक कंपलीट इमारत बनाने का सपना पूरा नहीं हो सके।

शाहजहां ने जब पहली बार ताजमहल का दीदार किया तो कहा, कि ‘ये इमारत सिर्फ प्यार की कहानी बयां नहीं करेगी, बल्कि उन सभी लोगों को दोषमुक्त करेगी जो मनुष्य का जनम लेकर हिन्दुस्तान की इस पाक ज़मीन पर अपने कदम रखेंगे और इसकी गवाही चांद-सितारे देंगे।’

कहा जाता है, कि जिन मजदूरों ने ताजमहल को बनाया था, शाहजहां ने उनके हाथ कटवा दिये थे। लेकिन इतिहास में वापिस लौटा जाये, तो ताजमहल के बाद भी कई इमारतों को बनवाने में उन लोगों ने अपना योगदान दिया जिन्होंने ताजमहल बनाया था। उस्ताद अहमद लाहौरी उस दल का हिस्सा थे, जिन्होंने ताजमहल जैसी भव्य इमारत का निर्माण किया था और उस्ताद अहमद की देखरेख में ही लाल किले के निर्माण का कार्य शुरू हुआ था।

यदि ताजमहल की मीनारों पर गौर किया जाये, तो आप देंखेंगे की चारों मीनारें सीधी खड़ी न होकर एक दूसरे की ओर झुकी हुई हैं। इमारतों का ये झुका हुआ निर्माण बिजली और भूकंप के दौरान मुख्य गुंबद पर न गिरने के लिए किया गया था। कुछ लोग तो कहते हैं, कि चारों मीनारें गुंबद को झुक कर सलाम कर रही हैं, इसीलिए झुकी हुई हैं।

क्या आपको मालूम है, कि एक बार ताजमहल को बेचा भी जा चुका है? बिहार के सुप्रसिद्ध ठग नटवरला के बारे में यह कहानी प्रचलित है, कि एक बार उसने ताजमहल को मंदिर बता कर बेच दिया था।

कहा जाता है, कि जिन मजदूरों ने ताजमहल को बनाया था, शाहजहां ने उनके हाथ कटवा दिये थे। लेकिन इतिहास में वापिस लौटा जाये, तो ताजमहल के बाद भी कई इमारतों को बनवाने में उन लोगों ने अपना योगदान दिया जिन्होंने ताजमहल बनाया था। उस्ताद अहमद लाहौरी उस दल का हिस्सा थे, जिन्होंने ताजमहल जैसी भव्य इमारत का निर्माण किया था और उस्ताद अहमद की देखरेख में ही लाल किले के निर्माण का कार्य शुरू हुआ था।

जब ताजमहल बना था, तो उसकी कलाकृति में 28 तरह के कीमती पत्थरों को लगाया गया था। उन पत्थरों को शाहजहां ने चीन, तिब्बत और श्रीलंका से मंगवाया था। ब्रिटिश काल के समय इन बेशकीमती पत्थरों को अग्रेजों ने निकाल लिया था, जिसके बारे में यह कहा जाता है, कि वे बेशकीमती पत्थर किसी की भी आंखें चौंधियाने की काबिलियत रखते थे।

किसी भी इमारत के बनने के पहले और बाद में, जो बात सबसे पहले हमारे मन में आती है, वो ये है, कि इस इमारत के निर्माण में खर्च कितना आया था? तो हम बता देते हैं, कि ताजमहल के बनने में 32 मिलियन खर्च हुए थे, जिसकी आज की कीमत 106.28 से भी अधिक है।

और सबसे मज़ेदार बात तो यह है, कि कुतुब मीनार नाम की जिस इमारत को हम सबसे ऊंची इमारत कहते हैं, ताजमहल उससे भी ऊंचा है। कुतुबमीनार को देश की सबसे ऊंची इमारत के तौर पर नापा जाता है, लेकिन इसकी ऊंचाई ताजमहल के सामने छोटी पड़ जाती है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार ताजमहल कुतुब मीनार से 5 फीट ज्यादा ऊंचा है।

ताजमह के प्रांगण में लगे सारे फव्वारे एक ही समय पर काम करते हैं, और सबसे अश्चर्य में डाल देने वाली बात ये है, कि ताजमहल में लगा हुआ कोई भी फव्वारा किसी पाईप से जुड़ा हुआ नहीं है, बल्कि हर फव्वारे के नीचे तांबे का टैंक बना हुआ है, जो एक ही समय पर भरता है और दबाव बनने पर एकसाथ काम करता है।

इस इमारत को देखने के लिए एक दिन में सबसे ज्यादा भीड़ इकट्ठी होती है। पूरी दुनिया में कोई ऐसी दूसरी इमारत नहीं है, जहां एक दिन में इतने सैलानी इकट्ठे होते हों। ताजमहल को देखने के लिए पूरी दुनिया से 12,000 के आसपास सैलानी हर रोज़ आगरा की ओर रवाना होते हैं।

शाहजहां के उस सपने के बारे में आपको मालूम है, जो उन्होंने अपनी बेग़म मुमताज महल के लिए नहीं, बल्कि अपने लिए देखा था। काले ताजमहल का सपना। शाहजहां चाहते थे, कि मुमताज के लिए बने सफेद तामहल के बाद वे अपने लिए काला ताजमहल बनवायें, लेकिन जब उन्हें उनके बेटे औरंगज़ेब ने कैद कर लिया तो ये सपना हमेशा-हमेशा के लिए सपना बनकर ही रह गया।

एक बात जो हैरान करती है वो ये है, कि ताजमहल का रंग बदलता है। ताजमहल अलग-अलग पहर में अलग अलग रंगों में दिखाई देता है और इस हैरानी की वजह है ताजमहल का संगमरमरीय सफेद रंग का होना। सफेद रंग हर रंग में मिल कर उसी का रंग ले लेता है। सुबह देखने पर ताजमह गुलाबी दिखता है, शाम को दूधिया सफेद, शाम होते-होते तक नारंगी और रात की चांदनी में सुनहरा दिखता है।

कहा जाता है, कि ताजमहल शाहजहां ने नही बल्कि समुद्रगुप्त ने छठवीं शताब्दी में बनवाया था। जिस जगह पर हम आज की तारीख में ताजमहल जैसी भव्य इमारत देख पा रहे हैं, वहां पहले शिव मंदिर था, जिसे तेजोमहालय के नाम से जाना जाता था और उसकी छत से टपकने वाले पानी शिव जी के शिवलिंग पर बूंद-बूंद करके टपकता था।

(किसी भी बात के पीछ कई तरह के रहस्य और मान्यताएं छुपी होती हैं। हमारी यह स्टोरी किसी भी तरह के सच के होने न होने का दावा नहीं करती। इस कॉलम के द्वारा हम सिर्फ उन चीज़ों के बारे में बात करेंगे, जो रहस्यमयी हैं और लोगों के कहे सुने पर आधारित हैं, इसलिए रहस्य अब भी बरकरार है।)

taj juma mubarka

फ्राइडे या शुक्रवार (जुम्मे) ताजमहल में हिन्दुओ को एंट्री नहीं मिलती, इस दिन मुस्लिमो का प्रवेश मुफ्त मिलती है !

दुनिया की सबसे खूबसूरत इमारतों में शुमार और दुनिया के आठ अजूबो में शामिल रहे ताजमहल के बारे में क्या आप ये सच्चाई जानते है, के इसमें हिन्दू और दूसरे धर्मो के लोगो को प्रवेश की अनुमति नही है. अगर आप इस दिन आगरा जाने और ताजमहल देखने का कार्यक्रम बना रहे है तो रद्द कर दीजिये.

हालाँकि ये जानकारी ताजमहल की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है लेकिन इसमें इसका कोई कारन नही बताया गया है, और वो ये है ई शुक्रवार( जुम्मे के दिन) हिन्दू या दुनिया के और किसी भी धर्मावलम्बी को ताजमहल में जाने की इजाजत नही मिलती है. ऐसा क्यों है इसका कारन भी धार्मिक है और पता नही ये कब से शुरू किया गया है.

दरअसल शुक्रवार के दिन वंहा के मुस्लिम धर्म के लोग जुम्मे की नमाज ताजमहल में ही अदा करते है, और इस कारन किसी और धर्म के लोगों को इस दिन प्रवेश की इजाजत नही है. हालाँकि आप इस दिन बाकि हेरिटेज देख सकते है लेकिन ताजमहल में प्रवेश वर्जित होगा.

ये कब से शुरू हुआ है इसके बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नही मिल गई है लेकिन अगर आप शुक्रवार के दिन ताजमहल देखने पहुँच गए तो आपको काफी फ़्रस्ट्रेटेड फील हो सकता है.

 

ताजमहल के बारें में फैलाई जा रही है ये झूठी बातें, जबकि ये है सच्चाई

दुनिया के सात अजूबों में से ताजमहल भी आता है, इसको बनाने वाले मुग़ल शासक शाहजहाँ ने अपनी बेगम मुमताजमहल की याद में बनवाया था। दुनियाभर में ताजमहल को एक प्रेम के प्रतीक के रूप में भी देखा जाता है। दुनियाभर के लोग इस अजूबे को देखने के लिए आते है, क्योंकि भारत में ऐसी कई प्राचीन इमारते है जिन्हें विदेशी पर्यटक देखना चाहते है और उनमें से सबसे पहले ताजमहल का ही नंबर आता है। ताजमहल का निर्माण उत्तर प्रदेश के आगरा में है और यह ताजमहल यमुना नदी के किनारे पर बना हुआ है जिसकी वजह से इसकी सुंदरता पर चार चाँद लग जाते है।

इस ताजमहल को बिलकुल सफ़ेद संगमरमर से बनाया गया है और इसे बनाने के लिए बीस हजार मजदूरों ने काम किया था और इसको बनाने में तकरीबन बीस साल का समय भी खर्च हुआ था। हमारे देश में ताजमहल को लेकर कई अफवाहे है और लोग उन्हें सच भी मानते है। जैसे कि, सबसे ज्यादा लोगों में यह भ्रम फैलाया गया है कि, ताजमहल को बनाने के बाद उन सभी मजदूरों के हाथ बादशाह ने कटवा दिए थे, लेकिन इस बात में ज़रा भी सच्चाई नहीं है और इसी तरह की हकीक़त बताने के लिए आज हम आपको ताजमहल के बारें में बताने जा रहे है।

अफवाह No1: ये अफवाह संघियों द्वारा फैलाई गई है कि, ताजमहल एक शिव मंदिर है।

ताजमहल एक शिव मंदिर है

ताजमहल एक शिव मंदिर है

हकीक़त: एएसआई ने आगरा के कोर्ट में जवाब देकर कहा कि, ताजमहल का निर्माण शाहजहाँ ने ही करवाया था और इसके हिन्दू मंदिर होने का कोई सबूत ही मौजूद नहीं है।

अफवाह No. 2 : ताज महल के बारें में यह अफवाह भी फैलाई जाती है कि, ‘ताज महल को भूत और जिन्न इसको बनने नहीं दे रहे थे।

ताज महल को भूत और जिन्न इसको बनने नहीं दे रहे थे

ताज महल को भूत और जिन्न इसको बनने नहीं दे रहे थे

ताज महल को भूत और जिन्न इसको बनने नहीं दे रहे थे

सच्चाई: एएसआई के एक ऑफिसर के अनुसार, भूतों और जिन्नों के जरिये से ताजमहल की नींव को क्षतिग्रस्त करने के कोई सबूत ही मौजूद नहीं है इसलिए यह सिर्फ एक अफवाह ही है।

अफवाह No3: ताजमहल के बारें में यह अफवाह भी फैलाई जाती है कि, ‘ताजमहल रंग बदलता है पूरे दिन भर में।

ताजमहल रंग बदलता है पूरे दिन भर में

 ताजमहल की हकीक़त

हकीक़त: लेकिन दरअसल हकीक़त ये है कि, ताजमहल सफ़ेद संगमरमर से बना हुआ है इसलिए सूरज की किरणें ताजमहल पर पड़ती है और दिन के हिसाब से सूरज में भी बदलाव होता है तो इसलिए ऐसा प्रतीत होता है कि, ताजमहल रंग बदल रहा है। वक़्त के हिसाब से भी ताजमहल सुबह-सवेरे के वक़्त सुनहरें रंग में नजर आता है और जब शाम की लाली छा जाती है तो इसका रंग कुछ गुलाबी नजर आता है।

अफवाह No 4: शाहजहाँ की बेगम मुमताज के बारें में यह अफवाह फैलाई जाती है कि, ताजमहल में शाहजहाँ की बेगम मुमताज की ममी दफन की हुई है।

ताजमहल में शाहजहाँ की बेगम मुमताज की ममी दफन की हुई है।

 ताजमहल की हकीक़त

हकीक़त: एएसआई के पास भी मुमताज की ममी के कोई सबूत नहीं है, दरअसल जब शाहजहाँ की बेगम मुमताज का इन्तेकाल हुआ था तब उनकी लाश को बुहारनपुर, इसके बाद फिर निर्माणाधीन ताजमहल के परिसर में दफन किया गया था, उसके 22 साल बाद शाहजहाँ की बेगम मुमताज को ताजमहल के मुख्य स्मारक में दफ़न किया गया।

अफवाह No 5: एक अफवाह ये भी फैलाई जाती है कि, ताजमहल को ख्वाब में देखकर इसका नक्शा तैयार किया गया था।

ताजमहल को ख्वाब में देखकर इसका नक्शा तैयार किया गया था।

 ताजमहल की हकीक़त

हकीक़त: जबकि सच्चाई ये है कि, ताजमहल को बनाने के लिए दुनियाभर के आर्किटेक्ट से मदद ली गई थी। लेकिन इस बात की पुख्ता जानकारी नहीं है कि, इसका डिजाईन किस आर्किटेक्ट ने तैयार किया था।

अफवाह No 6: शाहजहाँ के बारें में ताजमहल को लेकर यह अफवाह भी फैलाई जाती है कि, बादशाह काला ताजमहल का भी निर्माण करना चाहते थे।

शाहजहाँ काला ताजमहल का भी निर्माण करना चाहते थे।

 ताजमहल की हकीक़त

हकीक़त: एएसआई के अनुसार, काला ताजमहल को लेकर कोई पुख्ता सबूत नहीं है और यह कभी अस्तित्व में था ही नहीं और न ही इसके निर्माण को लेकर इसके कोई सबूत सामने आये है। बल्कि, यह कहानी तो वर्ष 1910 में गाइडों ने ही अपने आप गढ़ ली थी।

अफवाह No 7 : चांदनी रात को ताजमहल चमकने लगता है।

चांदनी रात को ताजमहल चमकने लगता है।

 ताजमहल की हकीक़त

हकीक़त: चांदनी रात में ताजमहल चमकने की हकीक़त ये है कि, इस इमारत को बनाने के लिए दुनियाभर के 28 तरह के पत्थरों से इसका निर्माण किया गया है। इन पत्थरों की ही ये खासियत है कि, जब शरद पूर्णिमा होती है तो उन पत्थरों की वजह से ताजमहल चमकता हुआ दिखाई देता है और बहुत ही खूबसूरत नजर आता है।

अफवाह No 8: बादशाह शाहजहाँ और उनकी बेगम मुमताज की कब्र पर पानी टपकता है।

मुमताज की कब्र पर पानी टपकता है।

 ताजमहल की हकीक़त

हकीक़त: उर्स के दौरान जब ताजमहल में भीड़ होती है तो इस दौरान नमी बढ़ जाती है और दीवार पर पानी की बूंदे आने लगती है। लेकिन जैसे ही भीड़ ख़त्म होती है तो वह बूंदे गायब हो जाती हैं।

अफवाह No 9: सबसे बड़ी अफवाह ये फैलाई जाती है कि, शाहजहाँ ने ताजमहल को बनाने के बाद 20 हजार कारीगरों के हाथों को कटवा दिया था।

ताजमहल को बनाने के बाद 20 हजार कारीगरों के हाथों को कटवा दिया था।

 ताजमहल की हकीक़त

हकीक़त: इतिहासकार राज किशोर के अनुसार, शाहजहाँ ने उनके हाथ नहीं काटे थे बल्कि, शाहजहाँ ने कारीगरों को आजीवन काम न करने का वडा लिया था और बदले में उन्हें पूरी जिंदगी वेतन देने का भी वादा किया। इसके अलावा एक बात यह भी सामने आती है कि, शाहजहाँ ने अपनी और कई इमारतें उन मजदूरों से ही बनवाई थी जिन्होंने ताजमहल का निर्माण किया था।

अफवाह No 10: शाहजहाँ की मृत्यु को लेकर भी यह अफवाह फैलाई जाती है कि, बादशाह की मौत उनकी बेगम की मौत के सदमे की वजह से हो गई थी।

शाहजहाँ की मृत्यु बेगम की मौत के सदमे की वजह से हो गई थी।

 ताजमहल की हकीक़त

हकीक़त: जबकि, सच्चाई ये है कि, शाहजहाँ की मौत की अफवाह के बाद उनके बेटों में युद्ध हो गया। इस लड़ाई में औरंगजेब की जीत हुई और उन्होंने शाहजहाँ को बंधी बना लिया और फिर उन्हें बीमारी लग गई जिसके कारण उनकी मृत्यु भी हो गई।

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दिल्ली के बारे में

दिल्ली पर्यटन, 1975 के बाद से पर्यटन की सुविधा देने वाला है | आपको इस वेबसाइट के माध्यम से दिल्ली के एक मार्गदर्शित दौरे पर ले जाएगा, जो इस शहर के चमत्कारों की खोज करता है, इसकी विरासत, कला और शिल्प, विविध व्यंजनों और संस्कृति।

देश के समृद्ध अतीत और संपन्न संपन्न का प्रतीक, दिल्ली एक ऐसा शहर है जहां प्राचीन और आधुनिक मिश्रण को एक साथ मिलकर मिलाया जाता है। यह एक ऐसा स्थान है जो न केवल आपके नाड़ी को छूता है बल्कि यह भी एक गतिशील गति को बढ़ाता है लाखों सपनों के लिए घर, शहर में लोगों को करीब लाने और अपने विचारों को प्रेरित करने के सपने को समझने की अभूतपूर्व जिम्मेदारियां हैं।

सिर्फ एक सदी पहले, ब्रिटिश अपने साम्राज्य की सीट कोलकाता से दिल्ली तक ले गए थे। और यह तब से भारत की राजधानी है जब से अब एक संपन्न, महानगरीय महानगर, शहर में बहुत मनाया जाता है क्योंकि यह पूंजी के रूप में 100 वर्ष पूरे होने के मील का पत्थर पर पहुंच चुका है। इतिहास के साथ कई शताब्दियों के पीछे चला जाता है, दिल्ली एक प्राचीन संस्कृति और एक तेजी से आधुनिकीकरण देश का प्रदर्शन करता है स्मारकों के साथ बिंदीदार यहाँ बहुत कुछ पता चलता है। अतीत में कई शक्तिशाली साम्राज्यों की सीट, इसके लंबे इतिहास को अपने कई सावधानी से संरक्षित स्मारकों, प्राचीन किले और कब्रों में देखा जा सकता है।

यह सब एक आधुनिक शहर जैसे कि मेट्रो प्रणाली, हलचल के बाजार और शानदार खाने के स्थानों की सर्वोत्तम सुविधाओं के साथ मिलाया जाता है। अतीत और वर्तमान में एक साथ मिलकर, सदियों पुराने स्मारकों को शहर के दैनिक जीवन का एक हिस्सा बनाते हुए। दिल्ली का इतिहास बहुत छोटा है शहर की कहानी महाकाव्य महाभारत के रूप में पुरानी है, जब शहर इंद्रप्रस्थ के नाम से जाना जाता था, जहां पांडव जीवित रहते थे। सदियों से, आठ अधिक शहरों में इंद्रप्रस्थ के निकट जीवित हो गए: लाल कोट, सिरी, दीनपनह, किला राय पिथोरा, फिरोजाबाद, जहन्नपाना, तुगलाबाद और शाहजहांबाद कई साम्राज्यों ने अपनी शक्ति की ऊंचाई तक पहुंचे और यहाँ नष्ट हो गए। प्रमुख राजवंशों में से उनकी राजधानी दिल्ली बनाकर तुगलक, खिलजी और मुगलों थे।

यहां तक ​​कि आज, पुरानी दिल्ली में अतीत में एक आकर्षक झलक हो सकती है, जिसमें संकीर्ण लेन, पुरानी हवेली और रंगीन बाजारों की भूलभुलैया शामिल है। रिक्शा मुगलों की इस भीड़ भरे, हलचल राजधानी के माध्यम से अपना रास्ता बनाते हैं, जहां जीवन जारी रहता है, जैसा कि सैकड़ों वर्ष पहले हुआ था। यह तीन विश्व विरासत स्मारकों का घर है- कुतुब मीनार, लाल किला और हुमायूं के मकबरे, जो कई शताब्दियों तक जीवित है, और अतीत में सम्राटों द्वारा बनाए गए वास्तुशिल्प चमत्कारों का विचार देते हैं। केंद्रीय दिल्ली, अपने पेड़-रेखा वाले रास्ते के साथ, राष्ट्रपति भवन, संसद भवन और भारत गेट जैसी संरचनाओं और इमारतों को लागू करते हुए, दिल्ली के औपनिवेशिक अतीत को प्रतिबिंबित करते हैं। कई संग्रहालय देश के आकर्षक इतिहास में एक झलक प्रदान करते हैं।

लेकिन आधुनिक दिल्ली में बहुत अधिक पेशकश की जा रही है दिल्ली में एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और व्यापक मेट्रो नेटवर्क है जो दिल्ली के सभी कोनों को जोड़ता है; यह नेटवर्क अभी भी बढ़ रहा है नई सड़कें और फ्लाईओवर, बेहतर कनेक्टिविटी, जिनमें से सबसे नवीनतम हस्ताक्षर पुल, दिल्ली पर्यटन की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जो वजीराबाद में निर्माण के अधीन है। यह एक मील का पत्थर होने का वादा करता है

नए मॉल और मनोरंजन केंद्रों की बढ़ती संख्या में नए अस्पतालों, आवासीय परिसरों और खेल सुविधाओं के साथ अंतरिक्ष के लिए धड़कता है दिल्ली में विशेषज्ञों की तलाश और बेहतर ओपीडी और आईपीडी सुविधाएं उपलब्ध कराने वालों के लिए दिल्ली अब एक सपना गंतव्य है। राष्ट्रमंडल खेलों के आगमन के लिए धन्यवाद, विश्व स्तर के स्टेडियम जैसे नववर्षालय नेहरू स्टेडियम का उपयोग किया जाता है, जो पूरे साल पूरे एक और सभी तक पहुंचा जा सकता है। दिल्ली के हरे रंग के कवर को बनाए रखते हुए यह सब विकसित और निरंतर किया गया है, यह एक अनोखी विशेषता है जो दुनिया के अन्य शहरों से इस वास्तविक वैश्विक महानगर को अलग करती है जहां गगनचुंबी इमारतों के पेड़ की रेखा को कम किया जाता है

मेट्रो के अलावा, जो दिल्ली के सभी केंद्रों के साथ-साथ शहर के केंद्रों के साथ-साथ उपनगरों को जोड़ता है, नई, दिल्ली की खोज करने का एक मजेदार तरीका है, एक HOHO बस यात्रा की बुकिंग करके। हॉप ऑन-हॉप बंद बस, बेहतर हो जाना ??? हॉओ, दिल्ली पर्यटन द्वारा उन पर्यटकों के लिए पेश किया गया है जो एक ही दिन में शहर का दौरा करना चाहते हैं। इतने सारे परिवहन विकल्पों के साथ, आगंतुकों को अब भी वे जाने की क्षमता होती है जहां वे चाहते हैं ??? और यहां देखने के लिए बहुत सी जगहें हैं और यहाँ बहुत सी चीज़ें हैं। मुगल और तुगलक काल से वास्तुकला की विशेषता पुराने विरासत कॉम्प्लेक्सों की पुरानी-अभी-अभी-पूरी तरह से संरक्षित, विशाल हैं।

पुनर्निर्मित इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे, अब टर्मिनल 3, एक आधुनिक, विश्वस्तरीय शहर के अपने पहले अनुभव के साथ आगंतुकों को प्रदान करता है जो कि दुनिया में सर्वश्रेष्ठ के साथ तालमेल रखता है। टर्मिनल 3, जहां से अंतरराष्ट्रीय और कई घरेलू वाहक संचालित होते हैं, ऐसी सुविधाएं हैं जो दुनिया के सबसे आधुनिक हवाई अड्डों के समतुल्य हैं। हवाई अड्डा मेट्रो एक्सप्रेस, जो शहर के केंद्र में एक रेल स्टेशन को ले जाता है, केवल 17 मिनट में, आगंतुकों के लिए आसान कनेक्टिविटी प्रदान करता है। चाहे आप पुरानी दिल्ली, कनॉट प्लेस या दिल्ली हाट तक यात्रा कर रहे हों, मेट्रो शहर के चारों ओर रहने का आसान तरीका प्रदान करता है। कई फ्लाईओवर, चौड़ी सड़कें और बस और ऑटो सेवाएं यह भी सुनिश्चित करती हैं कि शहर का पता लगाने में आसान हो।

शहर में नए अतिरिक्त, जैसे अक्षरधाम मंदिर और लोटस मंदिर भी शानदार स्थानों पर जाते हैं और अपनी बहुआयामी संस्कृति का विचार देते हैं। दिल्ली भी एक सांस्कृतिक गंतव्य के रूप में मान्यता प्राप्त कर रहा है दिल्ली टूरिज्म के प्रमुख त्यौहारों के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव, जादू महोत्सव, इट्रा और सुगंधी मेला, आम महोत्सव, दिल्ली के पक्वायन और उद्यान पर्यटन महोत्सव दिल्ली का एक अभिन्न हिस्सा बन रहे हैं। सांस्कृतिक विरासत

दिल्ली की कोई भी यात्रा अपनी प्रसिद्ध खासियों जैसे कि इसकी स्वादिष्ट करी, बारबेक्यू टिक्का और कबाब जैसी अनुभवों के बिना पूर्ण हुई है। यह एक दुकानदार भी है ???? हेवेन, चाहे आप अपने घर के लिए कुछ अमीर, बुना सिल्क, हस्तशिल्प, या जातीय कुशन लेना चाहते हैं विभिन्न भारतीय राज्यों के व्यंजनों के लिए और भारतीय कला और शिल्प की एक सरणी दिल्ली में आईएनए, पीतापुरा और जनकपुरी में नया दलित हाट में दिल्ली में तीन दिल्ली हाट हैं।

यह इस शहर का जश्न मनाने का समय है जो देश के समृद्ध अतीत और संपन्न संपन्न का प्रतीक है। एक राजधानी शहर के रूप में यह देश के लिए एक खिड़की है। तो आओ और खिड़की से बाहर देखो और कई कहानियों और अनुभवों का एक नया शहर खोजें। Explore here Delhi Sightseeing Tour by Car

आधुनिक दिल्ली

आधुनिक दिल्ली, जो लुटियन की दिल्ली के नाम से प्रसिद्ध है, वास्तुकला, भवन निर्माण सामग्री और भवनों की योजना के संबंध में पुरानी दिल्ली से विपरीत है। हालांकि, आधुनिक दिल्ली स्वयं भी एक सताब्द से अधिक प्राचीन है, जब ब्रिटिश शासकों ने कलकत्ता से बदलकर दिल्ली को अपनी राजधानी बनाया था। नई दिल्ली का जो रूप, जैसा कि आज देखा जाता है, लुटियन द्वारा डिजाइन किया गया था, जिसमें बड़े-बड़े खुले लॉन, एवेन्यू और भवन देखे जाने लायक हैं। Find out here Delhi Agra Jaipur Luxury Tour

आधुनिक दिल्ली में – इंडिया गेट, राष्ट्रपति भवन, नॉर्थ और साउथ ब्लॉक – जो ब्रिट्श वास्तुकला का शानदार उदाहरण हैं – पर्यटकों के लिए सामान्य आकर्षण का केन्द्र होने के अलावा, आप यहां स्थित विभिन्न संग्रहालय, मंदिर और स्मारक भी देख सकते हैं, जो दिल्ली वालों की जीवन शैली की व्यापक और मनोरंजक झलक पेश करते हैं।

राष्ट्रीय संग्रहालय, कई अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालयों के समकक्ष है, आधुनिक दिल्ली का एक महत्वपूर्म दर्शनीय स्थल है। यहां, आप प्राचीन काल से लेकर मध्यकाल तक भारत के समृद्ध इतिहास की झलक पा सकते हैं।

राष्ट्रीय रेल संग्रहालय भारतीय रेलवे के 150 से अधिक वर्षों के इतिहास को दर्शाता है, जहां भारतीय रेलवे के प्रारंभ समय में वर्ष 1853 में थाणे से मुंबई के बीच चला प्रथन भाप इंजन भी प्रदर्शित है।

आधुनिक दिल्ली में आधुनिक भारत के कुछ प्रसिद्ध मंदिर हैं जो न केवल अपने धार्मिक महत्व के लिए, बल्कि अपने अनुकरणीय डिजाइनों के लिए जाने जाते हैं, जो पारंपरिक वास्तुकला मानकों के लिए चुनौती है। इनमें बिरला परिवार द्वारा निर्मित लक्ष्मी नारायण मंदिर (बिरला मंदिर), भगवान लक्ष्मी नारायण (विष्णु) को समर्पित है। आधुनिक दिल्ली के भ्रमण के समय एक और दर्शनीय मंदिर है, बहाई समुदाय द्वारा निर्मित लोटस टैम्पल। खिलते कमल के आकार में निर्मित इस मंदिर को देखने प्रतिदिन हजारों सैलानी आते हैं।

इस्कॉन (इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस) मंदिर में प्रार्थना और ध्यान की सुविधाओं के अतिरिक्त एक शाकाहारी रेस्तरां, पुस्तकालय, एनिमेट्रोनिक्स सेंटर है, साथ ही यहां एक संग्रहालय भी निर्मित किया जा रहा है।

नवनिर्मित अक्षरधाम मंदिर पर्यटकों और दिल्ली वालों के आकर्षण का केन्द्र है। यह मंदिर यमुना नदी के किनारे स्थित है, यहां समीप ही राष्ट्रमंडल खेल गांव स्थापित है।

नई दिल्ली में प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्रीय नेताओं के स्मारक हैं। राजघाट, शांति वन, शक्त स्थल क्रमशः महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरु और इंदिरा गांधी के अंत्येष्टि स्थल हैं। आप तीन मूर्ति भवन (नेहरु स्मारक संग्रहालय), गांधी स्मृति और इंदिरा गांधी स्मारक भी देख सकते हैं।

राजधानी में नए और पुराने का रोचक सम्मिश्रण है। एक ओर आप पुराने वास्तुकला वाले स्थलों का भ्रमण कर सकते हैं, वहीं दूसरी ओर आपको दिल्ली के शानदार मॉल, फ्लाईओवर, आधुनिक सुज्जित ऊंचे भवन और हरित क्षेत्र देखने को मिलेगा।

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New Delhi

दिल्ली का इतिहास

भारत की राजधानी, दिल्ली की सशक्त ऐतिहासिक पृष्ठभूमि रही है। यहां भारतीय इतिहास के कुछ सर्वाधिक शक्तिशाली सम्राटों ने शासन किया था।

शहर का इतिहास महाभारत के जितना ही पुराना है। इस शहर को इंद्रप्रस्थ के नाम से जाना जाता था, जहां कभी पांडव रहे थे। समय के साथ-साथ इंद्रप्रस्थ के आसपास आठ शहर : लाल कोट, दीनपनाह, किला राय पिथौरा, फिरोज़ाबाद, जहांपनाह, तुगलकाबाद और शाहजहानाबाद बसते रहे।

पांच शताब्दियों से भी अधिक समय से दिल्ली राजनीतिक उथल-पुथल की गवाह रही है। यहां खिलजी और तुगलक वंशों के बाद मुग़लों ने शान किया।

वर्ष 1192 में अफगान योद्धा मोहम्मद गौरी ने राजपूतों के शहर पर कब्जा किया 1206 में दिल्ली सल्तनत की नींव रखी। 1398 में दिल्ली पर तैमूर के हमले ने सल्तनत का खात्मा किया; लोधी, जो दिल्ली के अंतिम सुल्तान साबित हुए के बाद बाबर ने सत्ता संभाली, जिसने 1526 में पानीपत की लड़ाई के बाद मुग़ल साम्राज्य की स्थापना की। आरंभिक मुग़ल शासकों ने आगरा को अपनी राजधानी बनाया और दिल्ली शाहजहां द्वारा पुरानी दिल्ली की दीवार के निर्माण (1638) के बाद ही यह शहर उनकी स्थायी गद्दी बन पाया।

हिन्दू राजाओं से लेकर मुस्लिं सुल्तानों तक, दिल्ली का शासन एक शासक से दूसरे शासक के हाथों जाता रहा। शहर की मिट्टी खून, कुर्बानी और देश-प्रेम से सींची हुई है। प्राचीन काल से ही पुरानी ‘हवेलियां’ और इमारतें खामोश खड़ी हैं किन्तु उनका खामोशियां अपने मालिकों और उन लोगों को सदाएं देती हैं जो सैंकड़ों वर्षों पहले उनमें रहे थे।

1803 ई. में शहर पर अंग्रेजों का कब्जा हो गया। वर्ष 1911 में, अंग्रेजों ने कलकत्ता से बदलकर दिल्ली को अपनी राजधानी बनाया। यह शहर पुनः शासकीय गतिविधियों का केन्द्र बन गया। किन्तु, शहर की प्रतिष्ठा है कि वह अपनी गद्दी पर बैठने वालों को बदलती रहा है। इनमें ब्रिटिश और वे वर्तमान राजनीतिक पार्टियां भी शामिल हैं, जिन्हें स्वतंत्र भारत का नेतृत्व करने का गौरव हासिल हुआ है।

1947 में स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद, नई दिल्ली को अधिकारिक तौर पर भारत की राजधानी घोषित किया गया।

Arrival in Delhi

दिल्ली की संस्कृति

दिल्ली भारत की पारंपरिक और वर्तमान राजधानी है। दिल्ली पूर्व दिशा में यमुना नदी द्वारा निर्मित एक त्रिभुज भूमि और पश्चिम तथा दक्षिण की ओर से अरावली श्रंखला से घिरी है।

दिल्ली ने केवल उत्तर भारत का सबसे बड़ा वाणिज्यिक केन्द्र है, बल्कि लघु उद्योगों का भी सबसे बड़ा केन्द्र है। आई.टी.सेक्टर, हैंडलूम, फैशन, टेक्सटाइल और इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्री का दिल्ली की अर्थव्य्वस्था में बहुत योगदान है।

दिल्ली शहर चार राज्यों अर्थात् हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और पंजाब से घिरा है, जिनका दिल्ली की जीवनशैली पर बहुत प्रभाव है। दिल्ली एक महानगर है जहां के लोग नए विचारों और नई जीवन शैली वाले हैं। यहां भारत के सभी प्रमुख त्यौहार मनाए जाते हैं तथा सामाजिक और सांस्कृतिक समारोहों में विभिन्न में एकता के दर्शन होते हैं। चाहे होली हो, दीवाली, ईद, गुरु पर्व, बुद्ध पूर्णिमा अथवा क्रिसमस, आप विभिन्न सम्प्रदायों के लोगों के बीच समान उत्साह और उमंग देख सकते हैं।

दिल्ली के मौसम

दिल्ली की जलवायु चर्मोत्कृष वाली है। यह गर्मियों (अप्रैल-जुलाई) में बहुत गर्म और सर्दियों (दिसंबर-जनवरी) में बहुत ठंड वाली रहती है। औसत तापमान गर्मियों में 25o सेल्सियस से 45o सेल्सियस और सर्दियों के दौरान 22o सेल्सियस से 5o सेल्सियस तक रहता है।

गर्मियों में पर्याप्त सावधानियां बरतने का आवश्कता होती है, ताकि तीव्र गर्मी को टाला जा सके, जैसे हल्के सूती कपड़े पहनना, बाहर जाते समय हैट अथवा सनशेड पहनना और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेना। सर्दियों में गर्म अथवा ऊनी कपड़े पहनने से आप सर्दी से बच सकेंगे।

 

मौसम माह औसत तापमान (निम्नतम-अधिकतम) मौसम कपड़े
India Gate सर्दी दिसंबर से जनवरी 5o से 25o बहुत ठण्डा ऊनी एवं शरीर को रग्म रखने वाले
India Gate बसंत फरवरी से मार्च 20o से 25o चमकीला एवं सुखद हल्के ऊनी
India Gate गर्मी अप्रैल से जून 25o से 45o गर्म हल्के सूती
India Gate मानसून जुलाई से मध्य-सितंबर 30o से 35o गीला, गर्म एवं आर्द्र हल्के सूती
India Gate पतझड़ सितंबर अंत से नवंबर 20o से 30o सुहावना सूती एवं हल्के ऊनी

दिल्ली घूमने का सर्वश्रेष्ठ समय

दिल्ली घूमने का सर्वश्रेष्ठ समय अक्तूबर से मार्च है, क्योंकि इस दौरान मौसम सबसे अच्छा रहता है। इस अवधि के दौरान फूल खिलने का समय होता है, मौसम सुहावना और दिल्ली जैसे अतुलनीय शहर का आनंद उठाने का होता है।
हवाईजहाज से

दिल्ली कैसे पहुंचें

दिल्ली अच्छी तरह से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के साथ जुड़ा हुआ है, भारत के भीतर और बाहर के सभी प्रमुख शहरों में। लगभग सभी प्रमुख एयरलाइनें नई दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे से संचालित उड़ानें हैं। घरेलू हवाई अड्डा दिल्ली को भारत के प्रमुख शहरों में जोड़ता है।

ट्रेन से

रेलवे नेटवर्क दिल्ली से सभी प्रमुख और लगभग, भारत के सभी छोटे स्थलों को जोड़ता है। दिल्ली के तीन महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन और हज़रत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन हैं।

रास्ते से

दिल्ली अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है, भारत के सभी प्रमुख शहरों के साथ सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों के नेटवर्क द्वारा। दिल्ली में तीन प्रमुख बसें हैं, कश्मीरी गेट, सराय काले-खान बस टर्मिनस और आनंद विहार बस टर्मिनस में इंटर स्टेट बस टर्मिनस (आईएसबीटी) हैं। दोनों सरकार और निजी परिवहन प्रदाता अक्सर बस सेवा प्रदान करते हैं यहां पर सरकार और निजी टैक्सियों भी मिल सकती हैं।

Topmost 10 places to visit in the world before you breathe your last

Top 10 Places to visit in the World

Top 10 places to visit in the world before you die

“The only country that all people want to see and have seen once – even a look could not give the glimpse of the performances of the rest of the world” ~ Mark Twain

Although there are many things to do in the world, but when it comes to traveling, there are some places that cannot be missed in a lifetime. This list speaks about them; the top 10 places to visit in the world before you die.

So here they are in no particular order, the top 10 places to visit in the world before you die

Petra, Jordan

Petra, Jordan: Portals in Past

Petra, one of the seven wonders, is a fabulous rose-red city and is a well-known earliest Nabataean city in southern Jordan. If you have decided to travel to Jordan, Petra is at the top of your priority list. The solid red sandstone buildings in Petra are unlike anything you’ve ever seen before. It is a half-built, half-cut city in a dominant red sandstone landscape surrounded by mountains.

Petra has been prominent since prehistoric times because of its location as the intersection of Arabia, Egypt and Syria-Fenicia. Petra was a crossroads between these ancient civilizations and a large caravan center for the incense of Arabia, sides of China and herbs from India. Petra, recognized as the UNESCO World Heritage Site, is one of the richest and largest archaeological sites in the world.

Top 10 Places To Visit In The World Before You Die - Taj Mahal: Timeless Wonder

Taj Mahal, Agra, India: Timeless Wonder

Places to visit in India in Agra

A burnt beacon on the red sandstone platform and entirely made of white marble; Taj Mahal is India’s most iconic structure. Thus, the cultural and artistic value of this impeccable structure, which was registered as a World Heritage List by UNESCO in 1983, was recently proclaimed one of the seven modern wonders of the world.

Taj Mahal is built by Mughal Emperor Shah Jehan for his beloved wife Mumtaj Mahal, considered the magnum opus of the Mughal Architecture and a fragmentation of many architectural styles, Taj Mahal is one of the most popular tourist destinations in India.

The strictness of a perfect increase of amazing graphic purity is disguised and is almost opposed by the scintillation of a fairy-tale décor that brings and scintillates the white marble, the main building material, the flowers arabesques, the decorative bands and the calligraphic inscriptions. In polychromatic pietra dura Are built in the construction of Taj Mahal. It is certainly best at top destinations in the world to visit before you die. if you find more details about Agra traveling option click here to book Same Day Agra Tour By Car with swantour.com its a leading travel agents in India, since 1995.

Top 10 Places To Visit In The World Before You Die - Memphis and its necropolis: Feats of Engineering

Memphis and its necropolis (Pyramids), Egypt: Feats of Engineering

Places to visit in Egypt

Pyramids and beautiful temples are the great things to enjoy in Egypt. Traveling to Egypt offers nature and desert walks, fishing, golf, diving and bird watching.

You can choose from places like Sinai Coast or Red Sea to relax. The capital of the ancient capital of Egypt is home to some extraordinary funeral monuments, including rock toms, ornate mastabas, temples and pyramids.

Listed as UNESCO World Heritage Site, qualify these monuments for the best destinations in the world to visit before you die.

The ensemble in Memphis includes a number of exceptional monuments of great antiquity. The exceptional historical, cultural, artistic and sociological interests of these monuments are testimony of one of the world’s largest ancient civilizations.

The pyramids, always used as emblems of ancient Egypt in western imagination, became popular in the Hellenistic times when the Great Pyramid was mentioned by Sidi Antipater as one of the Seven Wonders of the World. Memphis and its necropolis is the oldest of the ancient miracles and the only one that still exists.

Top 10 Places To Visit In The World Before You Die - China's Great Wall: Legend of the Falls

The Great Wall of China: Legend of the Falls

Top attractions in China

With a history of over 2,000 years and a length of over 8800 kilometers (5500 miles), the strategic and historical significance of the Great Wall of China is only offset by its archaeological implications. The wall is one of the leading tourist attractions and a clear reason for travelers because of its architectural magnificence and historical importance.

The Great Wall wins up and down over deserts, grasslands, mountains and plateaus, stretching from east to west of China, such as a dragon that is mythical aura and importance not only in China but the world weighs.

Top 10 Places To Visit In The World For You Die - Machu Pichhu: A matter of timing

Machhu Pichhu, Peru: A matter of timing

Machhu Pichhu, Peru

It is one of the world’s seven wonders and a world heritage. This is mystical place and a great place for divinity. Machu Picchu, the royal retreat of the Inca Emperor Pachacuti, is on top of the Urubamba Valley in Peru.

The meaning of “Old Mountain” in the Quechua-Indian language was built in the 15th century as a place for the Emperor and his return to relax, chase or entertain foreign dignitaries. One of the best times to visit this fascinating site is in the morning before dawn to catch the truly spectacular sight of sunrise.

An almost spiritual and awesome view of the landscapes that lie in the glory of the sun makes this one of the best destinations to visit in a lifetime.

Machu Picchu is 2,430m above sea level, in the middle of a tropical mountain forest, in an extremely beautiful area. It was probably the most amazing urban creation of the Inca empire; Its huge walls, terraces and slopes seem to be cut in the continuous rocky platforms.

The natural surroundings, on the eastern slopes of the Andes, comprise the upper Amazone basin With its rich diversity of flora and fauna.

Top 10 Places To Visit In The World Before You Die - Grand Canyon: Scaling the Heights

Grand Canyon: Scaling the Heights

Grand Canyon

A powerful and inspiring landscape, the Grand Canyon overwhelms our senses due to its vast size; 277 river miles (446km) long, up to 18km (29km) wide and 1.6km deep.

The Grand Canyon (nearly 1,500m deep) has been dug out by the Colorado River and is the most spectacular gorge in the world. Located in the state of Arizona, it cuts across the Grand Canyon National Park.

The horizontal layers repeat the geological history of the past 2 billion years. There are also prehistoric traces of human adaptation in a particularly rough environment.

Top 10 Places To Visit In The World Before You Die - Angkor Wat: The Divine Inspiration

Angkor Wat, Angkor, Cambodia: Divine Inspiration

Angkor Wat, Cambodia

Angkor is one of the most important archaeological sites in Southeast Asia. The area includes about 400 km2, including wooded area, and contains the beautiful remains of the different Khmer empire capitals, from the 9th to the 15th century. Angkor Wat Temple is the largest and most breathtaking attraction among the various monuments.

The temple was built in the early 12th century and was dedicated to Lord Vishu, a Hindu God. Later it became an important religious center for the Buddhist. The temple is famous for its classical style of Khmer architecture. Angkor Wat is today an important pilgrimage and one of the tourist attractions of the world to visit.

Top 10 places to visit in the world before you die - golden temple: sound of silence

Golden Temple, Amritsar, India: Sound of Silence

Golden Temple, Amritsar

Glossy in gold and iridescent in reflection in pool water, Golden Temple or Harmandir Sahib is the holiest sanctuary of Sikhs in Amritsar, Punjab.

By mixing the Indian and Mughal style of architecture, the Golden Temple has a big dome covered with gold renaming it with the world.

The structural glory of the Golden Temple attracts the interest of tourists and travelers from all over the world. Marcellus holiday happening with Golden triangle tour packages with Golden Temple Punjab Tour Packages to remembering at life time.

Top 10 places to visit in the world before you die - a turtle at the Great Barrier Reef

Great Barrier Reef, Australia: Nature’s Bounty

Barier Reef, Australia

It is the world’s largest coral reef ecosystem. It is one of the most beautiful places to visit in Australia. You can see it from outer space and it is the world’s largest single structure, consisting of living organisms. The Great Barrier Reef is located in the northeastern part of the Pacific Coast of Queensland, Australia.

It contains the largest collection of coral reefs in the world, with 400 species of coral, 1,500 species of fish and 4,000 kinds of leaflets. It also has great scientific interest as the habitat of species such as the dugong (‘sea cow’) and the big green tortoise threatened with extinction.

The breathtaking diversity and unprecedented diving possibilities make the Great Barrier Reef one of the top attractions in the world to visit before you die.

Top 10 Places To Visit In The World Before You Die - Mirror Lake in Yosemite National Park: Spectacular Abundance

Yosemite National Park, United States: Spectacular Abundance

Yosemite National Park, USA

Yosemite is on the western slopes of the Sierra Nevada Mountains. It is one of the most famous national parks in the US. Yosemite is one of the most popular tourist attractions in the US. The glacier eroded alpine valley is only 8 miles long and less than a mile wide, with pure granite walls on both sides vertically over 1000 meters.

Extremely 3000km from the wilderness, nine cascading waterfalls, huge sequoia orchards, lush meadows, rolling valleys and granite cliffs create a magical atmosphere and traveling opportunity in Yosemite, one of the first national parks in the United States.

Due to geographical diversity, the wealth of flora and fauna and beautiful vistas contribute to the popular attraction of the park due to geological factors. Yosemite National Park was declared a world heritage in 1984.

Narrow misses of the list were Ladakh's mystical valleys, the incarnate heaven-on-earth that you would not miss.

Narrow misses of the list were Ladakh’s mystical valleys, the incarnate heaven-on-earth that you would not miss.

Mystical Ladakh – The Last Shangri La

Pangong Lake, Ladakh

L: Adakh, the infertile paradise, is one of the most sought after destinations in the world. Every year when the road to Ladakh opens at the end of May, visitors from all corners of the world go to Ladakh for the ultimate adventure experience.

The attraction of Ladakh lies in its high mountain mountain passes, emerald lakes, towering mountain peaks, Buddhism and the sand dunes of Hunder. Ladakh is always in the wish list of cyclists and road trippers who go to “Little Tibet” every year for the adrenaline rush unique to Ladakh. and Select your dream trip to Leh Ladakh, one of the most adventurous terrains in the world. Book now India holiday packages or international holiday packages & get best deal with your Ladakh tour packages with swantour.com to enjoy your vacation more memorable.