आओ ऐसा प्रेम दिवस मनाएँ

romantic-couple-in-love-hd-wallpaper

आप चाहें तो विचित्र, हास्यास्पद या बिल्कुल अजीब भी कह सकते है, लेकिन वैलंटाइंस डे की पूर्व संध्या पर दिल्ली के बाजार सज चुके हैं। ज्यादातर लोग समर्थन में हैं जबकि मोहब्बत के इस जश्न पर कुछ लोगों की त्योरियां भी चढ़ी हुई हैं। प्यार के इजहार का यह औपचारिक मौका उपहारों और खिलौनों की वजह से किसी पर्व सा लग रहा है। बाजार का एक बड़ा सा हिस्सा बड़े-बड़े टेडी बेयर्स से अंटा पड़ा है, लेकिन दुकानदारों का कहना है कि कुछ ग्राहक अपनी प्रियतमा या अपने प्रेमी को अचंभे में डालने के लिए ‘जरा हटके’ वाले सामानों के ऑर्डर दे रहे/रही हैं। एक खिलौना दुकानदार सतीश सुन्द्रा बताते हैं, ‘कई तो प्रियतमा/प्रेमी की कद के टेडी बेयर्स बनवाना चाहते/चाहती हैं। ग्राहकों की पसंद पर रंग भी बदले जाते हैं। कुछ टेडी के दिल पर अपने दिल का संदेश लिखवाना चाहते/चाहती हैं।’

मॉलों ने भी प्रेमी-प्रेमिकाओं के लिए दरवाजे खोल रखे हैं। वो मॉलों में बैठकर अपने-अपने जोड़े के लिए खुद या वहां मौजूद वॉलनटिअर्स की मदद से पेंटिंग बना सकते हैं। प्रेमी-प्रेमिकाओं के इस काम में मदद करने वाले बलवीर सिंह कहते हैं, ‘लोग खुद पेंट कर सकते हैं या कार्ड बनाने, दिल का चित्र बनाने या फिर किसी कैनवस पर पेटिंग के लिए मेरे जैसे वॉलनटिअर्स की मदद ले सकते हैं। इसके लिए उन्हें महज 100 से 500 रुपये चुकाने होते हैं।’ उधर, पालतू पशुओं के दुकानदार भी वैलंटाइंस डे बिजनस का भरपूर फायदा उठाने में जुटे हैं। वो लोगों को अलग तरह का प्यार जताने को प्रेरित कर रहे हैं। खान मार्केट में पालतू पशुओं की दुकान विंडसर की प्रिया सुलोदिया कहती हैं, ‘आपके पास पालतू पशु नहीं हो तो आपको सच्चे प्यार का अंदाजा भी नहीं होगा। पोस्टरों पर लिखा है- इस वैलंटाइंस डे हस्तनिर्मित आभूषणों से अपने पालतू पशुओं के प्रति अपने अगाध प्रेम का इजहार करें।’

ये तो हुई प्रेमी जोड़ों की बातें। जिनका कोई जोड़ा नहीं बन पाया है, बाजार की ललचायी नजर उनपर भी है। कई भोजनालय ऐसे ‘अकेले प्राणियों’ को खाने के बिल पर कुछ छूट दे रहे हैं। इतना ही नहीं, बाजार के राडार से दिलजले भी नहीं बाच पाए हैं। मॉलिक्यूल एयर बार और नुक्कड़ कैफे जैसे संस्थान ऐसे दिलजलों के लिए ‘ऐंटी-वैलंटाइंस डे’ आयोजित कर रहे हैं। मॉलिक्यूल के असिस्टेंट जनरल मैनेजर विकास पाण्डेय कहते हैं, ‘ऐंटी-वैलंटाइंस डे के लिए हमने विशेष जायका एडिबल कोल (खाने वाला कोयला) पेश किया है। बाहर से जला-भुना, काला और बाहर से नरम-नरम पनीर, मानो टूटा हुआ दिल हो।’ इन सबके बीच, आज कुछ स्वघोषित संस्कृति रक्षकों को वैलंटाइंस डे की जगह ‘मातृ-पितृ पूजन दिवस’ मनाने के लिए प्रेमी जोड़ों से बहस करते हुए देखा जा सकता है।

आंसुओं का ज़हर पीने  क्यों कोई हो विवश ,
हर दिन हो प्रेम-दिवस,  हर दिन हो प्रेम दिवस !

धरती से अम्बर का ,
नदियों से सागर का ,
झीलों से झरनों का ,
पनघट से गागर  का !

प्यार ही प्यार हो बस,   कोई न करे बहस   !
हर दिन हो प्रेम-दिवस , हर दिन हो प्रेम-दिवस !

गरीब का अमीर से,
अमीर का फ़कीर से,
हर बड़ी लकीर का
हर  छोटी लकीर से !

रिश्ता हो प्यार भरा ,  सरल , सहज और सरस
हर दिन हो प्रेम-दिवस, हर दिन हो प्रेम-दिवस !

भूल कर नफरत की
बारूदी गंध को ,
याद करो मौसम के
प्रेम-रस छंद को !

साथ तुम्हारे  होंगे पल, महीने  और बरस ,
हर दिन हो प्रेम-दिवस , हर दिन हो प्रेम-दिवस !

पूजा के आँगन ज्यों
भक्त का भगवान से ,
प्रेम हर इंसान का
रहे  हर इंसान से !

प्रेम के पानी से भरो आज मंदिरों के    कलश ,
हर दिन हो प्रेम-दिवस , हर दिन हो प्रेम-दिवस !

प्यार  के लिए  क्यों
हो कोई दिन विशेष
खोजने जाएँ क्यों
कोई इसे दूर-देश !

माटी के कण-कण में,  हो   प्रेम का ही मधु-रस  ,
हर दिन हो प्रेम-दिवस, हर दिन हो प्रेम-दिवस !

प्रेम घर-परिवार में
देश और समाज में ,
प्रार्थना के गीतों में,
साज़ और आवाज़ में  !

मिले  इतनी ताकत  ,  हर दर्द हो तहस-नहस ,
हर दिन हो प्रेम-दिवस , हर दिन हो प्रेम-दिवस !

romantic-couple-kissing-in-garden-love-hd-wallpaper

हर दिन हो प्रेम-दिवस !

 

(गीत) हर दिन हो प्रेम-दिवस !
जिसमें सच्चा विकास हो !!
काम बदले राम में और !
मंगल स्नेह की बरसात हो !!

img_245115

💥 कुछ साल पहले जब हम लोगों से कोई पूछता कि भारत का सबसे लम्बा
त्यौहार कौन सा है तो हम कहते
“दीपावली” क्यूंकि 5 दिनों तक दीपावली की धूम होती है ।

💥 लेकिन पिछले कुछ वर्षों से एक नए त्यौहार ने जन्म लिया है जो दीपावली से भी 3 गुना लम्बा है । 7 फरवरी से शुरू होकर 20 फरवरी तक चलने वाला त्यौहार। जिसका नाम है वैलेंटाइन डे

💥 पहले यह सिर्फ एक दिन था फिर एक सप्ताह और अब आधा महीना यानि 15 दिन तक चलता रहता है।

💥 यह एक ऐसा त्यौहार है जो प्रेम के नाम पर लूट और वासना की अपसंस्कृति को बढ़ावा दे रहा है।

💥यह एक ऐसा त्यौहार है जिसे समाज के हित चिंतकों ने नहीं बल्कि आर्थिक जगत के विशेषज्ञों ने बनाया है।

💥 यह एक ऐसा त्यौहार है जो मन की वासनाओं को प्रेम का जामा पहनाकर सच्चे प्रेम को बदनाम कर रहा है ।

💥 क्या आपको पता है इन दिनों में (contraceptive pills ) गर्भपात गोलियों की बिक्री 3 गुना बढ़ जाती है। जी हाँ ! शायद आपको अजीब लगे लेकिन ये बाज़ार के आंकड़े हैं।

💥 पाश्चत्य सभ्यता द्वारा वैलेंटाइन डे को हमारे समाज पर थोप दिया गया है
जिसका टार्गेट रहा है भारत का युवावर्ग।

💥 किसी भी देश की रीढ़ की हड्डी वहाँ का युवावर्ग होता है। इसलिए भारत को गुलाम बनाना है तो संयमी युवानों को चरित्रहीन बनाओ।

💥आज बहुत सारे #रेस्टौरेंट, #होटल वाले वैलेंटाइन डे पर #function करवाते हैं। मजे की बात ये है कि इस दिन जब लड़के रेस्टौरेंट में कुछ खाने का ऑर्डर करते हैं तो #change को बतौर टिप के रूप में छोड़ देते हैं।

💥जैसे कि 200 रुपये का पिज्जा “valentine couple special” के नाम पर 350 रुपये में खरीदे। और 500 रुपए का नोट दे कर बचे 150 रुपए वेटर को टिप दे दिये ताकि #गर्लफ्रेंड और अधिक इम्प्रेस हो जाए।

💥जी हाँ ! अजीब लगता है सुन कर लेकिन यह हो रहा है हमारे समाज में।

💥सोचिए हमारे युवान किस तरह मूर्खता में
#पैसे फूँक रहे है। #वैलेंटाइन डे पर होने वाला खर्चा घर के बड़ों से छुपकर होता है और मजे की बात देखिये कि ये तथाकथित प्रेमी जोड़े हर साल किसी नए के साथ जोड़े के तौर पर दिखते हैं और इसे ये लोग सच्चे प्रेम का नाम दे देते हैं।

💥वैलेंटाइन डे #प्रेमदिवस
नहीं बल्कि वासना दिवस है। इसका सबसे बड़ा दुष्प्रभाव यह है क़ि मार्च का महीना बनता है pregnancy test का महीना।

💥क्या यहीं है असली प्रेम दिवस…???

💥आप अपने ही घर के# बुजुर्गों से पूछिये। अगर वो ऐसा चरित्रहीन प्रेम दिवस मनाने की स्वीकृति दे तो जरूर मनाइये। लेकिन ये सम्भव ही नही है। क्योंकि सभी माता पिता अपने बच्चे को चरित्र हीन नही बल्कि तेजस्वी ओजस्वी देखना चाहते है।

💥वैलेंटाइन डे के नाम पर विनाशकारी प्रवृतियों का विकास कर विनाश दिवस की जगह आओ मिलकर अपनी संस्कृति अपनाएं और #14 फ़रवरी_मातृ_पितृ_पूजन दिवस मनाएं ।

🚩जब हम पैदा हुए कितने थे मजबूर ।
माँबाप के बिना सबकुछ सोच से था दूर ।
ऐसे अपने माता-पिता के अगणित उपकारों को याद करते हुए सच्चा प्रेम दिवस मनाएं जिसका अनुकरण कर विश्व सदभागी हो जाए ।

🚩भारत सदा से पूरे विश्व के लिए प्रेरणास्त्रोत रहा है तो विदेशों की गन्दगी से अपनी भावी पीढ़ी को बचाते हुए ऐसा कुछ दे विश्व मानव को, जो सदा सदा के लिए इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित हो जाये।

 

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s