हिमाचल प्रदेश की यात्रा: प्रमुख पर्यटन स्थल

हिमाचल प्रदेश खूबसूरत वादियो के लिए पहचान जाता है |  हिमाचल प्रदेश पश्चिमी दिशा में स्थित है। यहाँ का वातावरण बहुत ही शीतल और मनमोहक है। जैसे अन्तर आत्मा को बहुत ही लुभावनी लगती है | यह अक्सर लोग गर्मियों में यहाँ घूमने पसंद करते है।

कितनी अच्छी तरह आप अपने सबसे अच्छे रूप में प्रकृति का वर्णन कर सकते हैं? कभी कभी शब्द कम पड़ता है और हमारी आंखें ही गवाह को समान रूप से प्रकृति के सौंदर्य ईथर अलौकिक शव का सार लिख रहे हैं। यही कारण है कि हिमाचल प्रदेश में अपने अवकाश के लिए अपने जीवन के महत्वपूंर्ण क्षणों  हमेश यद् आता रहता है। पन्ना हरी घास के मैदान और सदाबहार जंगलों के अलावा, हिमाचल प्रदेश एक मनमोहक वादियो का समावेश स्नेह लोगो का अकॅशरण का केंद्र बना हुआ है । प्राकृतिक बुलंद पहाड़ों, के बीच में समां जैसे अभी इन पहाड़ो की उचाई को पल भर में इस के शिखर पे पहुच जाउ । इस लेख में, आशा करती हूँ कि आप इसे आसानी से हिमाचल प्रदेश के लिए अपनी यात्रा की योजना बनाने में सहायता मिलेगी |

Shimla Tour Packages

Find More Information about Shimla Tour Packages with swantour.com at lowest prices

हिमाचल प्रदेश भौगोलिक संरचना

हिमाचल प्रदेश लगभग 21,629 मील² (56019 किमी²) से अधिक क्षेत्र में फ़ैला है तथा उत्तर में जम्मू कश्मीर, पश्चिम तथा दक्षिण-पश्चिम में पंजाब (भारत), दक्षिण में हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश, दक्षिण-पूर्व में उत्तराखण्ड तथा पूर्व में तिब्बत से घिरा हुआ है। हिमाचल प्रदेश का शाब्दिक अर्थ “बर्फ़ीले पहाड़ों का प्रांत” है। हिमाचल प्रदेश को “देव भूमि” भी कहा जाता है। इस क्षेत्र में आर्यों का प्रभाव ऋग्वेद से भी पुराना है[कृपया उद्धरण जोड़ें]। आंग्ल-गोरखा युद्ध के बाद, यह ब्रिटिश औपनिवेशिक सरकार के हाथ में आ गया। सन 1857 तक यह महाराजा रणजीत सिंह के शासन के अधीन पंजाब राज्य (पंजाब हिल्स के सीबा राज्य को छोड़कर) का हिस्सा था।  सन 1950 मे इसे केन्द्र शासित प्रदेश बनाया गया, लेकिन 1971 मे इसे, हिमाचल प्रदेश राज्य अधिनियम-1971 के अन्तर्गत इसे 25 जून 1971 को भारत का अठारहवाँ राज्य बनाया गया। हिमाचल प्रदेश की प्रतिव्यक्ति आय भारत के किसी भी अन्य राज्य की तुलना में अधिक है[संदिग्ध – चर्चा करें]। बारहमासी नदियों की बहुतायत के कारण, हिमाचल अन्य राज्यों को पनबिजली बेचता है जिनमे प्रमुख हैं दिल्ली, पंजाब (भारत) और राजस्थान। राज्य की अर्थव्यवस्था तीन प्रमुख कारकों पर निर्भर करती है जो हैं, पनबिजली, पर्यटन और कृषि। हिंदु राज्य की जनसंख्या का 95% हैं और प्रमुख समुदायों मे ब्राह्मण, राजपूत, घिर्थ (चौधरी), गद्दी, कन्नेत, राठी और कोली शामिल हैं। ट्रान्सपरेन्सी इंटरनैशनल के 2005 के सर्वेक्षण के अनुसार, हिमाचल प्रदेश देश में केरल के बाद दूसरी सबसे कम भ्रष्ट राज्य है।

शिमला हिल स्टेशन

शिमला हिल स्टेशन : Find More Information about Shimla  Manali Tour Packages with Swantour.com at lowest prices

शिमला हिल स्टेशन की स्थापना

शिमला एक बहुत ही खूबसूरत हिल स्टेशन है.और हिमाचल प्रदेश की राजधानी भी है. जिस इस का महत्व और भाड़ जाता है  यह समुद्र की सतह से 2,202 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. शिमला हिल स्टेशन की स्थापना1945 ई. तक प्रदेश भर में प्रजा मंडलों का गठन हो चुका था। 1946 ई. में सभी प्रजा मंडलों को एचएचएसआरसी में शामिल कर लिया तथा मुख्यालय मंडी में स्थापित किया गया। मंडी के स्वामी पूर्णानंद को अध्यक्ष, पदमदेव को सचिव तथा शिव नंद रमौल (सिरमौर) को संयुक्त सचिव नियुक्त किया। एचएचएसआरसी के नाहन में 1946 ई. में चुनाव हुए, जिसमें यशवंत सिंह परमार को अध्यक्ष चुना गया। जनवरी, 1947 ई. में राजा दुर्गा चंद (बघाट) की अध्यक्षता में शिमला हिल्स स्टेट्स यूनियन की स्थापना की गई। जनवरी, 1948 ई. में इसका सम्मेलन सोलन में हुआ। हिमाचल प्रदेश के निर्माण की घोषणा इस सम्मेलन में की गई। दूसरी तरफ प्रजा मंडल के नेताओं का शिमला में सम्मेलन हुआ, जिसमें यशवंत सिंह परमार ने इस बात पर जोर दिया कि हिमाचल प्रदेश का निर्माण तभी संभव है, जब शक्ति प्रदेश की जनता तथा राज्य के हाथ सौंप दी जाए। शिवानंद रमौल की अध्यक्षता में हिमालयन प्लांट गर्वनमेंट की स्थापना की गई, जिसका मुख्यालय शिमला में था। दो मार्च, 1948 ई. को शिमला हिल स्टेट के राजाओं का सम्मेलन दिल्ली में हुआ। राजाओं की अगवाई मंडी के राजा जोगेंद्र सेन कर रहे थे। इन राजाओं ने हिमाचल प्रदेश में शामिल होने के लिए 8 मार्च 1948 को एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। 15 अप्रैल 1948 ई. को हिमाचल प्रदेश राज्य का निर्माण किया था। उस समय प्रदेश भर को चार जिलों में बांटा गया और पंजाब हिल स्टेट्स को पटियाला और पूर्व पंजाब राज्य का नाम दिया गया। 1948 ई. में सोलन की नालागढ़ रियासत कों शामिल किया गया। अप्रैल 1948 में इस क्षेत्र की 27,000 वर्ग कि॰मी॰ में फैली लगभग 30 रियासतों को मिलाकर इस राज्य को केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया।

 

हिमाचल प्रदेश की जलवायु

हिमाचल प्रदेश की जलवायु: Find More Information about Best of Himachal Tour with Swantour.com at lowest prices

हिमाचल प्रदेश की जलवायु

हिमाचल  प्रदेश  में तीन ऋतुएं होती हैं – ग्रीष्म ऋतु, शरद ऋतु और वर्षा ऋतु। हिमाचल प्रदेश की समुद्रतल से ऊंचाई की विविधता के कारण जलवायु में भी भिन्नता है। कहीं सारा वर्ष बर्फ गिरती है, तो कहीं गर्मी होती हे। हिमाचल में गर्म पानी के चशमें भी हैं और हिमनद भी है। ऐसा समुद्रतल से ऊंचाई की भिन्नता की वजह से है।

हिमाचल के दार्शनिक स्थल

हिमाचल के दार्शनिक स्थल

हिमाचल के दार्शनिक स्थल

शिमला

शिमला

1. शिमला

शिमला हिमाचल प्रदेश की राजधानी है। शिमला भारत के साथ-साथ  पूरी दूनिया में अपने अनुपम सौंदर्य के कारण सैलानियों का प्रिय दर्शनीय  स्थल रहा है। यहां पूरे वर्ष ठण्‍डी हवाएँ बहती है।  हिमाचल प्रदेश की राजधानी और ब्रिटिश कालीन समय में ग्रीष्‍म कालीन राजधानी शिमला राज्‍य का सबसे महत्‍वपूर्ण पर्यटन केन्‍द्र है। यहां का नाम देवी श्‍यामला के नाम पर रखा गया है जो काली का अवतार है। शिमला लगभग 7267 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और यह अर्ध चक्र आकार में बसा हुआ है। यहां घाटी का सुंदर दृश्‍य दिखाई देता है और महान हिमालय पर्वती की चोटियां चारों ओर दिखाई देती है। शिमला एक पहाड़ी पर फैला हुआ है जो करीब 12 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में है। इसके पड़ोस में घने जंगल और टेढ़े-मेढे़ रास्ते हैं, जहां पर हर मोड़ पर मनोहारी दृश्य देखने को मिलते हैं। यह एक आधुनिक व्यावसायिक केंद्र भी है। शिमला विश्व का एक महत्त्वपूर्ण पर्यटन स्थल है। यहां प्रत्येक वर्ष देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग भ्रमण के लिए आते हैं। बर्फ से ढकी हुई यहां की पहाडि़यों में बड़े सुंदर दृश्य देखने को मिलते हैं जो पर्यटकों को बार-बार आने के लिए आकर्षित करते हैं। शिमला संग्रहालय हिमाचल प्रदेश की कला एवं संस्कृति का एक अनुपम नमूना है, जिसमें यहां की विभिन्न कलाकृतियां विशेषकर वास्तुकला, पहाड़ी कलम, सूक्ष्म कला, लकडि़यों पर की गई नक्काशियां, आभूषण एवं अन्य कृतियां संग्रहित हैं। शिमला में दर्शनीय स्थलों के अतिरिक्त कई अध्ययन केंद्र भी हैं, जिनमें लार्ड डफरिन द्वारा 1884-88 में निर्मित भारतीय उच्च अध्ययन केंद्र बहुत ही प्रसिद्ध है। यहां कुछ ऐतिहासिक सरकारी भवन भी हैं, जैसे वार्नेस कोर्ट, गार्टन कैसल व वाइसरीगल लॉज ये भी बड़े ही दर्शनीय स्थल हैं। चैडविक झरना भी एक प्रसिद्ध पर्यटक स्थल है। इसके साथ ही ग्लेन नामक स्थल भी है। इसके समीप बहता हुआ झरना और सदाबहार जंगल बहुत ही आकर्षक हैं।

कुल्‍लू

कुल्‍लू

2.कुल्‍लू

कुल्लू घाटी को पहले कुलंथपीठ कहा जाता था। कुलंथपीठ का शाब्दिक अर्थ है रहने योग्‍य दुनिया का अंत। कुल्‍लू घाटी भारत में देवताओं की घाटी रही है। यहां के मंदिर, सेब के बागान और दशहरा हजारों पर्यटकों को कुल्‍लू की ओर आकर्षित करते हैं। यहां के स्‍थानीय हस्‍तशिल्‍प कुल्‍लू की सबसे बड़ी विशेषता है। कुल्लू की जो हिमालय के करामाती स्वर्ग से कम नहीं। कुल्लू: देवताओं की घाटी, हिमाचल प्रदेश के राज्य में एक खूबसूरत जिला है। घाटी का यह नाम इसलिये पड़ा क्योंकि यह विश्वास है कि एक समय कई हिंदू देवी-देवताओं और दिव्य आत्माओं के लिए घर था। ब्यास नदी के तट पर 1230 मीटर की ऊंचाई पर स्थित, यह अपने शानदार प्राकृतिक वातावरण के लिए जाना जाता है। मूलत: कुल-अन्ती-पीठ के रूप में जाना गया, जिसका अर्थ है बसने योग्य दुनिया का सबसे दूर बिंदु। कुल्लू का रामायण, महाभारत, विष्णु पुराण जैसे महान भारतीय महाकाव्यों में भी उल्लेख है। त्रिपुरा के निवासी विहंगमणि पाल द्वारा खोजे गये इस खूबसूरत पहाड़ी स्थल का इतिहास पहली सदी का है। कुल्लू में भरपूर प्राकृतिक सौंदर्य बिखरा पड़ा है, कहीं भी चले जाइए आपको निराश नहीं होना पड़ेगा फिर भी रोरिक कला दीर्घा, ऊरुसवती हिमालय लोक कला संग्रहालय और शाम्बला बौद्ध थंगका कला संग्रहालय देखने योग्य हैं। read more information about shilmla Manali Volvo Packages with swantour.com its a leading travel agents in India, from Delhi

मनाली

मनाली: Manali Tour Packages

3.मनाली

मनाली हिमाचल प्रदेश राज्य में स्थित कुल्लू घाटी का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल होने के साथ ही भारत का प्रसिद्ध पर्वतीय स्थल भी है। कुल्‍लू से उत्तर दिशा में केवल 40 किलो मीटर की दूरी पर लेह की ओर जाने वाले राष्‍ट्रीय राजमार्ग पर घाटी के सिरे के पास मनाली स्थित है। लाहुल, स्‍पीति, बारा भंगल (कांगड़ा) और जनस्‍कर पर्वत श्रृंखला पर चढ़ाई करने वालों के लिए यह एक मनपसंद स्‍थान है। मंदिरों से अनोखी चीजों तक, यहां से मनोरम दृश्‍य और रोमांचकारी गतिविधियां मनाली को हर मौसम और सभी प्रकार के यात्रियों के बीच लोकप्रिय बनाती हैं।

4.डलहौज़ी

पश्चिमी हिमाचल प्रदेश में डलहौज़ी नामक यह पर्वतीय स्‍थान पुरानी दुनिया की चीजों से भरा पड़ा है और यहां राजशाही युग की भाव्‍यता बिखरी पड़ी है। यह लगभग 14 वर्ग किलो मीटर फैला है और यहां काठ लोग, पात्रे, तेहरा, बकरोटा और बलूम नामक 5 पहाडियां है। इसे 19वीं शताब्‍दी में ब्रिटिश गवर्नर जनरल, लॉड डलहौज़ी के नाम पर बनाया गया था। इस कस्‍बे की ऊंचाई लगभग 525 मीटर से 2378 मीटर तक है और इसके आस पास विविध प्रकार की वनस्‍पति-पाइन, देवदार, ओक और फूलों से भरे हुए रोडो डेंड्रॉन पाए जाते हैं डलहौज़ी में मनमोहक उप निवेश यु‍गीन वास्‍तुकला है जिसमें कुछ सुंदर गिरजाघर शामिल है। यह मैदानों के मनोरम दृश्‍यों को प्रस्‍तुत करने के साथ एक लंबी रजत रेखा के समान दिखाई देने वाले रावी नदी के साथ एक अद्भुत दृश्‍य प्रदर्शित करता है जो घूम कर डलहौज़ी के नीचे जाती है। बर्फ से ढका हुआ धोलाधार पर्वत भी इस कस्‍बे से साफ दिखाई देता है।

धर्मशाला

धर्मशाला” Manali Dharamshala Tour Package

5.धर्मशाला

धर्मशाला की ऊंचाई 1,250 मीटर (4,400 फीट) और 2,000 मीटर (6,460 फीट) के बीच है। यह अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है, जहां पाइन के ऊंचे पेड़, चाय के बागान और इमारती लकड़ी पैदा करने वाले बड़े वृक्ष ऊंचाई, शांति तथा पवित्रता के साथ यहां खड़े दिखाई देते हैं। वर्ष 1960 से, जब से दलाई लामा ने अपना अस्‍थायी मुख्‍यालय यहां बनाया, धर्मशाला की अंतरराष्‍ट्रीय ख्‍याति भारत के छोटे ल्‍हासा के रूप में बढ़ गई है।

कुफरी

कुफरी

6.कुफरी

अनंत दूरी तक चलता आकाश, बर्फ से ढकी चोटियां, गहरी घाटियां और मीठे पानी के झरने, कुफरी में यह सब है। यह पर्वतीय स्‍थान शिमला के पास समुद्री तल से 2510 मीटर की ऊंचाई पर हिमाचल प्रदेश के दक्षिणी भाग में स्थित है। कुफरी में ठण्‍ड के मौसम में अनेक खेलों का आयोजन किया जाता है जैसे स्‍काइंग और टोबोगेनिंग के साथ चढ़ाडयों पर चढ़ना। ठण्‍ड के मौसम में हर वर्ष खेल कार्निवाल आयोजित किए जाते हैं और यह उन पर्यटकों के लिए एक बड़ा आकर्षण है जो केवल इन्‍हें देखने के लिए यहां आते हैं। यह स्‍थान ट्रेकिंग और पहाड़ी पर चढ़ने के लिए भी जाना जाता है जो रोमांचकारी खेल प्रेमियों का आदर्श स्‍थान है।

चंबा घाटी

चंबा घाटी

7.चंबा घाटी

चंबा घाटी (915 मीटर) की ऊंचाई पर रावी नदी के दाएं किनारे पर है। पुराने समय में राजशाही का राज्‍य होने के नाते यह लगभग एक शताब्‍दी पुराना राज्‍य है और 6वीं शताब्‍दी से इसका इतिहास मिलता है। यह अपनी भव्‍य वास्‍तुकला और अनेक रोमांचक यात्राओं के लिए एक आधार के तौर पर विख्‍यात है।

Swantour.com यह भारत में एक अग्रणी ट्रैवेल एजेंट है कि वे सबसे अच्छा विकल्प हिमाचल प्रदेश पर्यटन के लिए आदर्श विविध विषयों के लिए अनुकूल है, जब यह भारत में अपनी छुट्टी संकुल की योजना बना करने के लिए आता है। आप देख रहे हैं, तो हनीमून पैकेज शिमला, डलहौजी और मनाली में प्राकृतिक सौंदर्य के साथ संपन्न के लिए भारत में शीर्ष यात्रा गंतव्य पर आता है।

स्वान टूर्स.कॉम  यह भारत में एक अग्रणी ट्रैवेल कमपनी है कि वे सबसे अच्छा विकल्प हिमाचल प्रदेश पर्यटन के लिए  उपलब्ध कराती है | ये महत्वत्वपूर्ण विषयों पूरी तरह आप जानकारी  देती रहती है, जब यह भारत में आप कही भी यात्रा ( Holiday packages in India ) इछुक व्यक्तियों को पूरी सहता प्रदान करती है | अगर आप हिमाचल प्रदेश पर्यटन  के बारे में और जाना चाहते है या आप  शिमला हनीमून पैकेज, डलहौजी और मनाली में प्राकृतिक सौंदर्य के साथ भारत में शीर्ष  स्थानों पर यात्रा करना चाहते है तो आप सवनतौर.कॉम (Swantour.com) पर संम्पर्क करे । अगर आप को मेरी लेखन अछि लगी हो तो जरूर कमेंट करे | आप लोगो की कमेंट का मैं हमेशा इन्तेजार करती हूं |

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s